ईमेल क्या है और ईमेल कैसे बनाये हिंदी में जानकारी

आज हम बात करने जा रहे हैं ईमेल के बारे में, Internet का उपयोग करने वाले लगभग सभी लोग ईमेल के बारे में जानते है कि ईमेल क्या है? ईमेल अकाउंट कैसे बनाते है? ईमेल एड्रेस का मतलब क्या होता है? ईमेल आईडी बनाने का तरीका क्या है?

लेकिन यदि आप Email Account बनाने का तरीका नहीं जानते है, तो आप यहां से ईमेल से जुड़ी हुई और जानकारियां ले सकते हैं और अगर आप ईमेल का मतलब नही जानते है, तो आपको चिंता करने की कोई जरूरत नही है क्योंकि हम आपको Email के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं।

ईमेल क्या है-What is email

1- यह कागज पर लिखी गई चिट्ठी के जैसा ही होता है। बस कागज के Letter और Email में इतना ही अंतर होता है, कि एक कागज के पत्र को कागज पर लिखा जाता है, और Email को हमे Computer पर लिखना पडता है।

2-  E-mail भी एक साधारण पत्र की तरह ही एक पत्र होता है। आप एक साधारण पत्र के बारे में सोचिए और पता करिए हम उसे लिखते समय क्या-क्या काम करते है।

3- हम साधारण पत्र लिखते समय उसमें प्राप्त करने वाले का नाम, पता, संदेश और नीचे भेजने वाले का नाम लिखते है फिर उसे भेजने के लिए पास के Post Office में जाकर उसे Post Box में डाल देते है और पत्र जिसके पास भेज रहे होते हैं, उसके पास पत्र कुछ दिनों में चला जाता है।

4- बिल्कुल इसी तरह ही Email में भी प्राप्त करने वाले का नाम, पता (E-mail ID) और संदेश को लिखना पडता है। Email में भेजने वाले का नाम अलग से नही लिखना पडता है इसमें भेजने वाले का नाम Automatic संदेश पाने वाले के पास चला जाता है।

5-  इसके बाद Send पर क्लिक करना पडता है और Email कुछ ही सेकण्डों में भेजने वाले के पास पहुँच जाता है।

6- इसकी Speed साधारण पत्र से Email को अलग बनाती है इसके अलावा भी बहुत ऐसे कारण है, जो एक Email को एक साधारण पत्र से उपयोगी बनाती है।

7- आप इंटरनेट के द्वारा मिनटों में अपने संदेश को भेज तथा प्राप्त कर सकते है। यह सुविधा अधिकतर Email Service Providers द्वारा मुफ्त दी जाती है।

8- आपको सिर्फ इंटरनेट और एक इंटरनेट चलाने वाले Device जैसे Computer, Mobile Phone, Laptop आदि की आवश्यकत पडती है।

9- दुनियाभर में लोग एक-दूसरे को Mails Send तथा Receive करते है। आप अपने दोस्त, परिवारजन, सहकर्मी, बॉस आदि को Email Send कर सकते है।

10- इसके लिए बस आपको एक Email ID, Internet और एक Email Program की जरूरत होती है। जिस व्यक्ति के पास Email ID है, उसे कोई भी व्यक्ति जिसके पास भी Email ID है, Mails Send तथा Receive कर सकता है।

Read Also-Computer Full Form 

ईमेल की कुछ खास बातें क्या है –

1 ईमेल मैसेज – कागज पर एक लेटर लिखने के लिए एक पेन का उपयोग करने के बजाय, आप अपने कंप्यूटर पर एक ईमेल प्रोग्राम में ईमेल मैसेज टाइप करने के लिए अपने कीबोर्ड का उपयोग करते हैं।

2. ईमेल भेजना – जब ईमेल टाइप हो जाए, और रिसिवर का ईमेल एड्रेस टाइप करने बाद Send बटन को प्रेस करते हैं।

3. ईमेल ट्रांसपोर्ट – ईमेल सर्वर सेंडर से रिसिवर को मैसेज ट्रांसमिट करते हैं।

4. नया मेल प्राप्त करना – यदि आपको अपने मेलबॉक्स में नया मेल मिला है, तो आपको बस उस पर क्लिक करना होगा और उसे ओपन करना होगा।

अब, आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह Email ID क्या है? Email ID कैसे बनाते है? ईमेल आई डी की जरूरत EMail भेजने और प्राप्त करने के लिए क्यों होती है?

आपको ज्यादा सोचने की जरूरत नही है, क्योंकि हम आपको इस सब के बारे में भी बताएंगे और आप जान पाएंगे कि एक Email ID क्या होती है? Email ID की जरूरत क्यों पडती है?

खुद की ईमेल आइडी बनाने के लिए क्या चाहिए-

Email ID बनाने से पहले ये जान लेना जरूरी है, कि इसे बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए या हमें किन-किन चीजों की जरूरत पड़ने वाली है।

जैसा आपको ऊपर बताया कि ईमेल सर्विस मुफ्त है, और ईमेल भेजने तथा प्राप्त करने के लिए एक भी रुपया खर्च नही करना पड़ता है। बस, हमें कुछ जरूरी Email Tools की जानकारी होना चाहिए, जिनके नाम नीचे बताए गए है-

1- एक कम्प्यूटर या स्मार्टफोन

2- इंटरनेट कनेक्शन

3- ईमेल प्रोवाइडर

4- थोड़ा-सी डिजिटल साक्षरता

1-  कम्प्यूटर या स्मार्टफोन –

सबसे पहले आपको एक कम्प्यूटर चाहिए, अगर, आपके पास कम्प्यूटर नहीं है, तो आप स्मार्टफोन से भी काम चला सकते है। आप, गूगल करिए कि “मोबाइल फोन से ईमेल आइडी कैसे बनाते है” तो आपको जवाब मिल जाएगा।

2-  इंटरनेट कनेक्शन –

ईमेल एक ऑनलाइन सर्विस है इसलिए  इसे इस्तेमाल करने के लिए इंटरनेट की जरूरत पड़ती है, आपका डिवाइस किसी ना किसी नेटवर्क से कनेक्ट होना चाहिए। आपके स्मार्टफोन में जो इंटरनेट डेटा पैक है उसी से आप ईमेल आइडी बना लेंगे, आपको नया इंटरनेट कनेक्शन लेने की कोई जरूरत नहीं है।

3-  ईमेल प्रोवाइडर –

अब बारी आती है, कि ईमेल अकाउंट बनाने के लिए किस कंपनी अथवा सर्विस प्रोवाइडर का इस्तेमाल करना पसंद करेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें, एक ईमेल सर्विस प्रोवाइडर डाकघर की भांती काम करता है। आपको ईमेल आइडी देता है, भेजे गए ईमेल संभालता है और आए हुए ईमेल दिखाता है।

ईमेल के क्या फायदे हैं- 

ईमेल क्या है और ईमेल कैसे बनाये

Convenience-

 एक फोन कॉल करने की तुलना में ईमेल कुछ मामलों में तेज़ होते हैं, लंबे समय तक बातचीत करने में मजबूर होना पड़ सकता है, इसके बजाय, यदि आपके पास किसी के लिए क्विक सवाल है, तो कभी-कभी एक ईमेल को शूट करना आसान होता है, जिसे तेज गति से उत्तर दिया जा सकता है।

Speed- 

ईमेल आमतौर पर सेकंड या मिनट में पहुंचते हैं।

Attachments

 आप अपने कंप्यूटर के किसी भी फाइल को ईमेल मैसेज में अटैच कर सकते हैं। दुनिया भर में किसी को भी स्प्रेडशीट, रिपोर्ट या इमेजेस को अटैच कर भेजने से उसे वह अगले ही पल मिल सकता हैं।

Accessibility-

 ईमेल को आपके ईमेल प्रोग्राम में आसानी से स्‍टोर किया जा सकता है। आप अपने ईमेल को कहीं भी कभी भी एक्‍सेस कर सकते हैं।

A Record-

ईमेल, कम्युनिकेशन का एक रिकॉर्ड प्रोवाइड करता है, आपने किसी के साथ क्या कम्युनिकेट किया और उसने क्या जवाब दिया इसके सारे डिटेल्‍स ईमेल के पास होते हैं।

Unlimited space- 

टेक्स्टिंग के विपरीत, आपके पास ईमेल में जितना चाहें लिखने के लिए असीमित स्‍पेस है।

ईमेल के कंपोनेंट्स –

ईमेल के कुछ महत्वपूर्ण Components निम्नलिखित हैं।

1. Label –

ईमेल ‘से’ लेबल से शुरू होता है, हर कोई इस बात पर ध्यान देता है कि ईमेल कहां से आया है? जब कोई व्यक्ति अपने Inbox को Scan करता है तो यह सबसे पहले दिखाई देता है यह ई-मेल को आसानी से पढ़ने में मदद करता हैं।

2. Subject –

इस लाइन में हमें यह पता चलता है कि ईमेल किस बारे में है? जब कोई ईमेल Inbox में आता है तो हम उसके विषय को देखकर यह तय करते हैं कि हमें उसे खोलना है या नहीं।

3. Pre Header –

Pre Header एक सब्जेक्ट लाइन की SideKick की तरह होता है, यह आपके ईमेल की पहली लाइन होती है, कुछ ईमेल प्रोग्राम जैसे Gmail या मोबाइल फोन में Subject Line के बाद Preheader शामिल होता है ताकि पढ़ने वाला इमेल खोलने से पहले थोड़ी और जानकारी प्राप्त कर सके।

4. Email Body –

यह ईमेल का मुख्य भाग होता है जो Pre Header के बाद आता है, बेहतर ईमेल में Email Body छोटे होते हैं और Attach किए गए फाइल या Document में अधिक जानकारी जोड़ते हैं।

5. End –

यह ईमेल का सबसे आखरी भाग होता है, इसमें धन्यवाद, जल्द ही आपसे बात करें और बाद में मिलते हैं, जैसे शब्दों का उपयोग किया जाता है।

ई-मेल का उपयोग –

ई-मेल का उपयोग निम्नलिखित तरीकों से किया जा सकता है:

1- इसका उपयोग किसी संगठन या कंपनी के भीतर या Personally दो लोगों या लोगों के एक बड़े समूह के बीच Communicate करने के लिए किया जा सकता है।

2- ई-मेल का उपयोग अन्य लोगों के साथ Communicate करने, फोटो, Document, Link इत्यादि भेजने और प्राप्त करने के लिए किया जाता हैं।

3- ईमेल दूसरों के साथ Communicate करने के लिए Very Cost Effective Service है क्योंकि व्यक्तियों और संगठनों के लिए कई ईमेल सेवाएं मुफ्त में उपलब्ध है। एक बार जब कोई यूजर ऑनलाइन हो जाता है तो इसमें सेवाओं के लिए कोई खर्च नहीं लगता हैं।

4- Email यूजर्स को किसी भी समय कहीं से मेल ईमेल Access करने का लाभ प्रदान करता है यदि उनके पास इंटरनेट कनेक्शन हैं।

5- ई-मेल को सही जानकारी के साथ बहुत आसानी से बनाया जा सकता है। इसके अलावा कम समय में इसे जल्दी से बदला जा सकता हैं।

6- ई-मेल की मदद से आप बड़ी संख्या में लोगों को आसानी से संदेश भेज सकते हैं।

7- ईमेल एक Simple User Interface Face प्रदान करता है और यूजर्स को अपने संदेशों को Categorise और Filter करने में सक्षम बनाता हैं।

Conclusion-

इस आर्टिकल में हमने आपको ई-मेल से जुड़ी हुई सभी जानकारी दी और हम उम्मीद करते हैं कि आपको ईमेल के बारे में सब कुछ समझ में आ गया होगा और ईमेल से जुड़े हुए आपके सभी सवालों के जवाब आपको मिल गए होंगे।

Leave a Comment

Your email address will not be published.