Hindi Diwas Kab Manaya Jata Hai 2022 | हिंदी दिवस कब मनाया जाता है?

भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिंदी है। हमारा भारत देश हिंदी भाषा के लिए बहुत ही प्रसिद्ध है लेकिन क्या आप जानते हैं, कि (Hindi Diwas Kab Manaya Jata Hai) हिंदी दिवस कब मनाया जाता है। बहुत से लोगों को यह नहीं पता है और उनके मन में यह सवाल रहता है, वह जानना चाहते हैं, कि हिंदी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है। तो हम आज इस पोस्ट में आपके इन सवालों के जवाब देंगे और आपको हिंदी दिवस के बारे में पूरी जानकारी देने का प्रयास करेंगे।

जिस दिन हिंदी भाषा को राजभाषा के रूप में चुना गया था, उसी दिन हिंदी दिवस मनाया जाता है, इसके अलावा लोगों में हिंदी भाषा को जागरूक करने का भी महत्वपूर्ण उद्देश्य था। जैसा कि हम सब जानते हैं, कि आजकल स्कूलों में भी हिंदी भाषा पर कम जोर दिया जाता है,और इंग्लिश भाषा को ही पढ़ाया जाता है, जिसके कारण हिंदी को लोग कम पढ़ पा रहे हैं हालांकि सरकारी दफ्तरों में अभी भी हिंदी का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन अगर वही प्राइवेट सेक्टरों की बात करें तो उसमें हिंदी भाषा का उपयोग बहुत कम किया जाता है,

फिर चाहे वह प्राइवेट सेक्टर पूरी तरह से भारत का ही क्यों ना हो आज आप सब लोगों को भी हिंदी भाषा के प्रति जागरूक करने के लिए हम इस लेख पर जोर दे रहे हैं, और आपको हिंदी दिवस और हिंदी भाषा से जुड़ी हुई सभी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं कृपया इस पूरे लेख को ध्यान से पढ़ें।

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हिंदी दिवस कब और क्यों मनाया जाता है -Hindi Diwas Kab Manaya Jata Hai

14 सितंबर सन 1949 को हिंदी भाषा को भारतीय संविधान द्वारा भारत की राजभाषा के रूप में चुना गया था,जिसके अंतर्गत यह फैसला लिया गया था कि हिंदी केंद्र सरकार की आधारिक भाषा होगी आमतौर पर हिंदी भारत के हर क्षेत्र में बोली जाने वाली भाषा है, इसलिए इसी राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया इसीलिए हम प्रतिवर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाते हैं।

 हिंदी भाषा के प्रति लोगों के मन में प्रेम जगाने के लिए पहली बार 14 सितंबर सन 1953 को हिंदी दिवस के रूप में मनाया गया था और अब हर साल 14 सितंबर को Hindi Diwas के रूप में मनाया जाता है हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए कई साहित्यकारों ने प्रयास किए थे,  जिनमें काका कालेलकर सेठ गोविंददास राजेंद्र सिंह और हजारी प्रसाद द्विवेदी जैसे साहित्यकार शामिल थे।

हिंदी दिवस क्यों मनाते हैं –

भारत एक ऐसा देश है जहां पर 77 % से अधिक लोग हिंदी भाषा को बोलते और लिखते है,भारत एक हिंदुत्व प्रधान देश है, लेकिन फिर भी हिंदी को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा नहीं मिला आज भी अगर कोई किसी प्राइवेट दफ्तर में जाता है, तो वहां पर उसे ही ज्यादा महत्व दिया जाता है जिसे इंग्लिश बोलना आता हो और इंग्लिश की अच्छी नॉलेज हो।

 गांधी जी ने हिंदी को जनमानस की भाषा कहा था, सन् 1918 में एक सम्मेलन में गांधी जी ने हिन्दी को राजभाषा बनाने पर जोर दिया था। सन 1918 के बाद काफी समय तक इसका जिक्र नहीं किया गया बहुत विचार और परामर्श के बाद स्वतंत्र भारत में सन 1949 14 सितंबर को हिंदी भाषा को राजभाषा का दर्जा प्राप्त हुआ जिसका वर्णन भारतीय संविधान भाग 17 के अध्याय की अनुच्छेद 343 एक में किया गया जिसमें साफ लिखा है कि संघ की राष्ट्रभाषा हिंदी और लिपि देवनागरी होगी।

पूरी दुनिया में हिंदी तीसरे नंबर पर है, जो कि दुनिया में बोली जाती है, पहले और दूसरे नंबर अंग्रेजी और चीनी भाषा बोली जाती है। हिंदी भाषा को बोलने वालों की संख्या तो बहुत है लेकिन इसको पढ़ने और लिखने वालों की संख्या काफी कम है वर्तमान समय में हिंदी भाषा पर अंग्रेजी शब्दों का बहुत प्रभाव पड़ा है।

लोग हिंदी लिखने के लिए भी आजकल अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग करते हैं जिसकी वजह से भविष्य में हिंदी भाषा विलुप्त होने की संभावना है। इसीलिए हिंदी दिवस को मनाया जाता है जिससे कि जो लोग आज भी हिंदी भाषा का ज्ञान रखते हैं बाय हिंदी के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करें और हिंदी भाषा को विलुप्त होने से बचाएं। अगर आप एक भारतीय नागरिक हैं, तो आपका कर्तव्य है कि आप कम से कम 1 दिन 14 सितंबर को भी हर जगह सब कुछ हिंदी भाषा में लिखे।

हिंदी दिवस कैसे मनाया जाता है –

हिंदी दिवस वाले दिन सभी स्कूलों में बच्चों को हिंदी के बारे में सिखाया और बताया जाता है। इसके अलावा सभी से यह कहा जाता है कि कृपया हिंदी दिवस के दिन अपने दैनिक कार्यों में हिंदी का उपयोग करें इसके अलावा कुछ हिंदी स्कूलों में तरह तरह की प्रतियोगिताएं भी कराई जाती हैं, जिसमें बच्चे हिंदी में निबंध और कविताएं लिख लिख कर लाते हैं जिसमें बच्चों का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया जाता है। हिंदी दिवस के दिन कई पुरस्कार भी वितरण किए जाते हैं, जिसमें राजभाषा गौरव और कीर्ति पुरस्कार शामिल है।

राजभाषा गौरव उस व्यक्ति को दिया जाता है जिसने हिंदी भाषा में कोई अच्छी पुस्तक लिखी हो और कीर्ति पुरस्कार उसको दिया जाता है, जिसने अपने कार्यकाल के दौरान ज्यादातर हिंदी भाषा को लिखा और बोला हो और हमेशा हिंदी भाषा के प्रति लोगों को जागरूक किया हो।

हिंदी दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों है-

क्योंकि जब सन् 1947 में भारत अंग्रेजों की हुकूमत से आजाद हुआ था, तो देश में भाषा को लेकर बहुत विवाद हुए थे इसलिए 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा का दर्जा दिया गया। हिंदुस्तान में हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हिंदुस्तान में हिंदी दिवस मनाने की आवश्यकता है।

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