हॉकी में कितने प्लेयर होते हैं ? 2022

दोस्तों आज आपको हॉकी खेल के बारे में बताएंगे की हॉकी में कितने प्लेयर होते हैं ? , इसकी शुरुआत कब हुई और इसके खेल से जुड़ी कई सारी जानकारी हम आपको इस आर्टिकल के जरिए देंगे। हॉकी खेल हमारे देश का एक राष्ट्रीय खेल है यह खेल केवल भारत में ही नहीं बल्कि कई सारे देशों में भी खेला जा चुका है। 

हॉकी खेल सबसे ज्यादा भारत देश के कोलकाता मैं खेला गया था।दो दलों के बीच में खेला जाने वाला हॉकी खेल में कुल 11 प्लेयर होते हैं। फुटबॉल खेल के नियम के जैसे ही हॉकी खेल के नियम भी होते हैं। हॉकी खेल के बेहतरीन खिलाड़ी एक समय में हमारे देश में हुआ करते थे। 

हमारे देश के सभी नागरिकों को इस खेल की पूरी जानकारी हो इसलिए आज हम इस आर्टिकल के जरिए हॉकी खेल के बारे में सभी जानकारी देंगे तो आइए हॉकी खेल के बारे में जानते हैं।

हॉकी क्या है- हॉकी में कितने प्लेयर होते हैं ?

26 मई 1928 में सबसे पहले कोलकाता में खेला जाने वाला हॉकी भारत का एक राष्ट्रीय खेल है। पहली बार ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम भाग लिया और जीत हासिल कर स्वर्ण पदक हासिल किया था। हमारे भारत देश के लिए यह बहुत गर्व की बात है इस समय हमारे देश ने पास 8 स्वर्ण पदक हासिल किया है।

हॉकी की शुरुआत कब हुई थी- 

हॉकी की शुरुआत वर्ष 2010 से 4000 वर्ष पूर्व मिस्र में हुआ था और इसकी शुरुआत हमारे भारत में 150 वर्षों से पहले हुआ था ।

1971 मैं विश्व कप की शुरुआत हुई थी हॉकी के विस्तार का मुख्य श्री भारत और सुदूर पूर्व मैं ब्रिटेन सेना को है।

हॉकी निम्न प्रकार से खेली जाती है- 

जैसे

  • फील्ड हॉकी 
  • बर्फ हॉकी
  • रोलर हॉकी

हॉकी खेल में दो अंपायर ,और एक टाइम कीपर 

होता है। हॉकी खेल में किसी भी खिलाड़ी को कितनी भी बार बदला जा सकता है।

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हॉकी खेल के प्रमुख तथ्य- 

हॉकी खेल की कुछ महत्वपूर्ण बातें जो निम्नलिखित है।

1. हॉकी दो टीमों के बीच का मुकाबला होता है।

2. खेल की अवधि 75 मिनट की होती है जिसमें 5 मिनट का मध्यांतर भी होता है।

3. और इस खेल में हॉकी के बॉल का रंग सफेद होता है ।

4. खेल का संचालन दो अंपायर करते हैं जिनका निर्णय दोनों टीमों को मानना पड़ता है।

5. खेल में जो टीम अधिक गोल करती है वही विजेता कहलाती है।

हॉकी खेल के नियम- 

हॉकी खेल के बहुत सारे नियम और विशेषता है जो कुछ इस प्रकार से हैं आइए हम कुछ विशेष बातों पर ध्यान देते हैं ।

1.खेल के दौरान कोई भी तीन तीन से अधिक खिलाड़ी नहीं बदल सकती।

2. एक बार बदला गया खिलाड़ी दुबारा मैच में भाग नहीं ले सकता।

3. यदि पेनाल्टी के समय गोलकीपर द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर बाल रुक भी जाए तो गोल हुआ मान लिया जाता है।

4. पेनाल्टी स्ट्रोक की बाल अगर कंधे से ऊंची हो तो गोलकीपर उसे स्टिक से रोक सकता है।

5. हॉकी के अलावा किसी भी रूप में बोल को लुढ़का या अथवा फेंका नहीं जा सकता।

भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी – 

भारत का राष्ट्रीय खेल हॉकी है लेकिन अब यह निचले स्तर पर जा चुका है ।अब इससे ज्यादा क्रिकेट के दीवाने हो गए हैं एक समय में हो कि हमारे देश में सबसे ऊंचे स्तर पर माना जाता था और उसके बहुत धुरंधर खिलाड़ी भी हुआ करते थे ।

भारत में हॉकी की शुरुआत सबसे पहले अंग्रेजों ने की थी मुंबई बिहार उड़ीसा और दिल्ली में हॉकी का एसोसिएशंस बना है। 

हॉकी के प्रति हमारे भारतीय लोगों में बहुत ही हर्ष और उत्साह भरा रहता है। भारत में 1928 से ओलंपिक खेलों में भी भाग लेना प्रारंभ कर दिया था। 

भारत में महिलाएं भी हॉकी खेलती हैं जनवरी 1967 में महिलाओं ने 5 टेस्ट मैच की श्रृंखला आयोजित की जिसमें भारतीय महिलाओं ने पांचों मैच जीत लिए।

भारत का हॉकी में प्रदर्शन- 

भारत में हॉकी खेल की दुनिया में अपना बहुत ही अच्छा प्रदर्शन किया है और हॉकी खेल की वजह से भारत को ओलंपिक स्वर्ण पदक भी मिले हैं ।जो कि भारत के लिए अपने आप में बहुत गर्व की बात है।

 भारत का स्वर्ण पदक सबसे पहले 1960 के रोम ओलंपिक में छीना गया था और भारत को पाकिस्तान ने फाइनल में हरा दीया था।

हॉकी खेल का जादूगर किसे कहा जाता है? 

हाथी खेल हमारे भारत का राष्ट्रीय खेल है और इसमें कई स्वर्ण पदक भी हासिल किए हैं। तो आइए आज हम जानते हैं कि भारत का महान खिलाड़ी महान हॉकी खिलाड़ी किसे कहा जाता है। जिसे हॉकी खेल की दुनिया में जादूगर भी कहा जाता है हॉकी का जादूगर मेजर ध्यानचंद को कहा जाता है ।

इनका जन्म 29 अगस्त 1905 मैं हुआ था वह हॉकी खेल के महान खिलाड़ी थे और उन्हें हॉकी खेल का जादूगर भी कहा जाने लगा। 

मेजर ध्यानचंद को गेंद पर बहुत ही नियंत्रण था अपनी इसी असाधारण गेंद नियंत्रण और गोल स्कोरिंग के लिए जाने जाते थे।

 मेजर ध्यानचंद ने तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक भी हासिल किए थे और इसके बाद भी वह आगे बढ़ते रहे और कई जीतने ने हासिल किया इस महान व्यक्ति को हॉकी का खिलाड़ी या हॉकी का जादूगर भी कहा जाता है। 

ऐसा माना जाता है कि मेजर ध्यानचंद के पास अगर बोला जाती थी तो विरोधी टीमों से बोल छीन नहीं पाती थी इस वजह से उन्हें हॉकी का जादूगर कहां जाता है।

हॉकी के बारे में कुछ रोचक जानकारी- 

आप ही के बारे में कुछ और भी जान लेते हैं जैसे कि सबको पता है कि हॉकी दो दलों के बीच में होता है एक ही में 11 खिलाड़ी होते हैं। और दूसरे विरोधी टीम में भी 11 खिलाड़ी होते हैं।

 वर्ष 1908में हॉकी खेल को लंदन ओलंपिक में शामिल किया गया था इसमें पहला गोल्ड ब्रिटेन में जीता था इस तरह हॉकी खेल लगातार आगे बढ़ते चला गया।

2000 सिडनी ओलंपिक से ही ओलंपिक हॉकी स्पर्धा में पुरुष वर्ग में 12 टीमें होती है ।और महिला वर्ग में 10 टीमें होती हैं। ओलंपिक में 12 टीमें होती है इसलिए 6-6 के दो ग्रुप बनाए जाते हैं। हॉकी में कुल 11 खिलाड़ी होते हैं।

दोनों पक्षों को मिलाकर 22 खिलाड़ी हुए हर एक पक्ष के 11 खिलाड़ी होते हैं और 5 अतिरिक्त खिलाड़ी होते हैं जो कि इन लोगों में से किसी को चोट लगने पर उनको खेलने के लिए बोला जाता है और वह खेलते भी हैं वही ओलंपिक में हॉकी की 12 टीम होती है जिसमें 6 टीम के दो ग्रुप बनते हैं।

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