DRDA full form in Hindi-डीआरडीए क्या है?

DRDA Full Form पूरा नाम “District Rural Development Agencies” है। हिंदी में इसे “जिला ग्रामीण विकास एजेंसियाँ” कहा जाता है। इसका गठन सन 1980 में किया गया था जिसका मुख्य उद्देश्य जिला स्तर पर गरीब विरोधी कार्यक्रमों के संचालन की देख-रेख करना होता हैं। साफ शब्दों में यदि हम कहे तो यह गरीबी विरोधी कार्यक्रमों का देख रेख करने वाली संस्थाओं में से एक है।

DRDA Full Form -DRDA क्या है?

District Rural Development Agencies (DRDA) के गठन का एक उद्देश्य यह भी था कि ग्रामीण विकास मंत्रालय के द्वारा गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों को सही ढ़ंग से पूर्ण किया जा सके। DRDA के गठन के लगभग तीन दशक बाद भी यह सभी ग्रामीण निवारण कार्यक्रमों का आयोजन करता आया है।

 DRDA में जिम्मेदार निकाय के रूप में एक कलेक्टर को नियुक्त किया जाता है जो कि DRDA में हो रही वास्तविक कार्यक्रम और क्रियान्वयन का ख्याल रखता है। जिला स्तर पर शासी निकाय के द्वारा ही इसका मार्गदर्शन किया जाता है।

ग्रामीण विकास को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार और राज्य सरकार के द्वारा कई योजनाएं समय समय और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शुरु की जाती है। इन सभी सभी योजनाओं को प्रतिबिंबित करने एवं इनका समय पर संसोधन किये जाते रहते हैं।

इन सभी योजनाओं को ग्रामीण लोगो तक पहुँचाने का कार्य दायित्व DRDA के द्वारा ही पूर्ण किया जाता है। हालाँकि DRDA न केवल ग्रामीण योजनाओं को लोगो क्षेत्र के लोगो तक पहुँचाने का कार्य करती है बल्कि धन वितरण करने के लिए भी प्रबंधकीय और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराती है।

DRDO के कार्य:

वर्तमान समय मे,भारत के 10 राज्यो में एवं केंद्र शासित प्रदेशों में DRDA से जुड़े रखने वाले लिंकेज और अलग DRDA उपलब्ध है। इन 10 राज्यों में बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, और लक्षद्वीप आदि को सम्मिलित किया गया है।

इसके साथ ही यह कार्यकारी अध्यक्षता के लिये नौ राज्यों में DRDA कार्यकारी अधिकारी मौजूद है जिनमे असम, गोवा, हरियाणा, झारखंड, मणिपुर, तमिलनाडु, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, और पांडिचेरी को सम्मिलित करके रखा गया है। 

आंध्रप्रदेश में कलेक्टर को ही DRDA के लिए नियुक्ति दी गयी है एवं जिला पंचायत अध्यक्ष की DRDA का अध्यक्ष घोषित किया गया था। असम की तरह ही महाराष्ट्र में भी जिला पंचायत अध्यक्ष ही इसके प्रबंधन अधिकारी के रूप मे कार्य कर रहे है।

  • DRDA के द्वारा उन ग्रामीण क्षेत्रों में रोज़गार उपलब्ध करवाने एवं योजनाओं को पहुँचाने का कार्य किया जाता है जहां उनकी आवश्यकता है।

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