Navratri kab Hai 2021-जानिए तिथि, पूजन का शुभ मुहूर्त

Navratri kab Hai

अश्वनी नवरात्रि 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक 8 दिनों की दुर्गा स्थापना हैं..
प्रतिपदा तिथि गुरुवार के दिन चित्रा नक्षत्र में है इस अनुसार देवी का वाहन से पता चलता है कि किस तरह का गोचर में फल मिलने वाला है इस बार डोली पर सवार माता रानी आ रही है क्योंकि गुरुवार को डोली पर और विदाई भी डोली पर गुरुवार को होगी महिलाओं के लिए जहां पर अच्छा होगा वहीं पर रोग वृद्धि का भी डर बना रहेगा और प्राकृतिक रूप से आपदाओं की संभावना है..

Navratri (नवरात्रि) में ग्रह गोचर

चंद्रमा का गोचर कन्या से मकर होगा…
शनि गोचर में मकर 11अक्टूबर को वक्री से मार्गी हो रहे हैं..
सूर्य कन्या राशि में, शुक्र वृश्चिक राशि में मंगल कन्या राशि में, बुध कन्या राशि में वक्री, गुरु मकर राशि में वक्री..
घट स्थापना मुहूर्त 7 अक्टूबर दोपहर 3:30तक कर प्रतिपदा तिथि

चौघड़िया मुहूर्त के अनुसार

सुबह 6:00 से 7:30 तक शुभ का
10:30 से 12:00 तक चर का
अभिजीत मुहूर्त 11:45 से 12:27 तक दोपहर
लाभ का चौघड़िया 12:00 से 1:30 तक दोपहर
1:30 से 3:00 तक अमृत का चौघड़िया दोपहर
होरा चौघड़िया के अनुसार

आध्यात्मिक वृद्धि के लिए सुबह 6:00 से 7:00 और दोपहर 1:00 से 2:00 के बीच घटस्थापना करें गुरू का होरा
मांगलिक कार्यों के लिए सुबह 7:00 से 8:00 या दोपहर 2:00 से 3:00 के बीच मंगल का होरा
राजकीय कार्यों के लिए सुबह 8:00 से 9:00 दोपहर 2:00 से 3:00 सूर्य का होरा

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वैवाहिक आदि के लिए

सुबह 9:00 से 10:00 बजे शुक्र का होरा
व्यापार आदि के लिए सुबह 10:00 से 11:00 बजे बुध का होरा
मन की शांति के लिए ध्यान आदि के लिए सुबह 11:00 से 12 घटस्थापना करें
स्थिरता के लिए दोपहर 12:00 से 1:00 बजे घट की स्थापना करना चाहिए

अंक ज्योतिष के अनुसार

7 अंक केतु का है अध्यात्मिकता को बढ़ाएगा वंशानुगत रोगों में कमी लाएगा और अंतिम 14 तारीख को यूनिवर्सल नंबर 5होने से सभी को वृद्धि का संकेत दे रहा है
अंक ज्योतिष के अनुसार इस बार कुलदेवी की पूजा.. भैरव जी की पूजा इम्पोर्ट है..

7 अक्टूबर गुरुवार 3:00 बजे तक प्रतिपदा तिथि

चित्रा नक्षत्र.. व्यापार और वैश्य जाति के लिए बहुत अच्छा दिन है मेला में वृद्धि या दुकानों में वृद्धि के संकेत हैं..
यह तिथि मैं आपको कुछ नया अनोखा अद्भुत देवी का प्रभाव के कारण अपनी संकल्प शक्ति से चित्त की रक्षा करें इसके देवता विश्वकर्मा देवता हैं रचनात्मकता, उत्पादन वृद्धि,मशीनरी,प्रौद्योगिकी कला, विज्ञान आदि लोगों को इस दिन नया कार्य जरूर करना चाहिए..
अपने मस्तक पर तिलक जरूर लगाएं देवी दुर्गा का पूजन अनिष्ट प्रभाव हटाने वाला है चित्रा नक्षत्र होने से दुर्गा सप्तशती,देवी सहस्त्रनाम, शक्तिपीठ की यात्रा करने से नई ऊर्जा का संचार होगा
फूल पत्तियों डिजाइनर वाले वस्त्रों को धारण करने से शुभता में वृद्धि होगी…

8 अक्टूबर शुक्रवार दोपहर 1:03 तक

द्वितीय तिथि स्वाति नक्षत्र यह दिन शुभ पुंज का है
यह दिन देवी की अमृत वर्षा का है सुख वा शक्ति की वृद्धि होगी प्राणवायु वृद्धि के लिए भी यह दिन बहुत अच्छा है.. योद्धा, खोजी, एकजुटता लोगों को आपस में जोड़ना, दीर्घकालीन योजना बनाना, भूमि से संबंधित काम, किसानों के लिए,कंप्यूटर वाद्य यंत्र और वायु यंत्र,बैंक,खेल,विधानसभा, सोशल एक्टिविटीज वाले लोगों के लिए यह दिन बहुत अच्छा है.. क्योंकि समाज का वक्यूम क्लीनर की तरह यह दिन होगा..
गीत संगीत द्वारा देवी की आराधना करना चाहिए..
सरस्वती देवी की के मंत्रों का जाप करें,प्राणायाम जरूर करें, पवन पुत्र हनुमान जी की आराधना भी साथ में करें.
हल्के हरे सफेद रंग के वस्त्र पहनने से धन यश में सफलता दिलाएंगे.

9 अक्टूबर शनिवार सुबह 10:00 बजे तक तृतीया तिथि

विशाखा नक्षत्र यह देवी का दिन विजय द्वार का दिन है
लक्ष्य प्राप्ति सफलता के लिए दृढ़ निश्चय के लिए यह आपके विचारों का प्रवेश द्वार होगा.. कृषि कार्य के लिए उत्तम दिन है, कस्टम, सुरक्षा,नाटक, दूरदर्शन नए अनुष्ठान या नए व्यापार का शुभ दिन है, किसी तरह के मांगलिक कार्यों के लिए, घर में प्रीतिभोज के लिए भी यह दिन अच्छा है…
कुंडलिनी जागरण का दिन है
एकांत में हमें अपने मंत्रों का मनन करना चाहिए
छोटा सा हवन जरूर करना चाहिए
हरिहर की पूजा या राम के मंत्र की माला करना चाहिए..
लाल नीला सुनहरी पीला शुभता में वृद्धि करेगा

10 अक्टूबर रविवार चतुर्थी तिथि 8:30 तक

इसके बाद पंचमी तिथि अनुराधा नक्षत्र
यह दिन देवी के दंड विधान का भी है,,दंड, शक्ति सुरक्षा, सृष्टि की प्रारंभिक की देवी है ललिता देवी…
गुप्त विद्या,,खगोल शास्त्री, सांख्यिकी के कार्य, मनोवैज्ञानिक, ज्योतिष, परामर्शदाता,राजदूत, पर्यटन, फोटोग्राफर,जो रात में ड्यूटी करते हैं वह धर्मस्थल वाले लोगों देवी की पूजा करने से आत्मबल मै फायदा होगा जिन्हें विदेश यात्रा करना है या गुप्त कार्य करना है उनके लिए यह दिन शुभ कारी है,
स्नेह व प्रेम सभी वर्गों में बढ़ाने के लिए इन देवी की उपासना जरूर करना चाहिये..
गायत्री मंत्र और सूर्य की आराधना,,आदित्य स्त्रोत का पाठ
लाल,सुनहरा रंग धारण करने से मैत्री परोपकार और शुभता में वृद्धि होगी..

11 अक्टूबर सोमवार षष्ठी रात्रि 3:40 तक

जेष्ठा नक्षत्र…..
सर्वोच्च सत्ता देने वाली देवी जगत में व्यक्त शक्तियों को नियंत्रण करने प्रोटेक्शन देने राज्य क्षेत्र में वृद्धि देने वाली है कवच बाद सुरक्षा इनकी आराधना करना चाहिए व्यापार संघ कथावाचक विद्या में उत्तम लीक से हटकर कार्य करने वालों को न्यूज़ रीडर आदि के लिए यह दिन महत्वपूर्ण है.
चिकित्सा,अनुशासन वर्क , ऑपरेशन के लिए, नए घर का उद्घाटन, अनुष्ठान यह दिन अच्छा है,
देवी काली की पूजा और घर की षष्ठी देवी की पूजा
करना चाहिए
आसमानी काला हरा रंग धारण करने से अनिष्ट का समन होगा…

12 अक्टूबर मंगलवार सरस्वती आवाहन सप्तमी तिथि रात्रि 1:23 तक मूल नक्षत्र

यह देवी संस्कारों से जोड़ती हैं और पारिवारिक जड़े मजबूत करती हैं
जमीन संस्कृति समाज मै मान सम्मान मूल्यों की वृद्धि औषधि निर्माण रोगों को ठीक करने की बैक्टीरिया का समन करने की करो ना को नियंत्रण करने की पद प्रतिष्ठित देने वाली सुख वैभव में वृद्धि विरोधियों में विजय देने वाली विश्व चिकित्सक, वैक्सीन, मंत्री, प्रवचन,खगोल, वाद-विवाद,जड़ी बूटियों के व्यापारी, पेट्रोलियम उद्योग, वित्तीय समझौता के लिए अच्छा दिन है..
देवी काली या नऱती देवी के दोनों चरणों की पूजन करना चाहिए… अंजनी पुत्र हनुमान जी की पूजा भी शुभकारी है
गेरुआ रंग धारण करने से शुभता में वृद्धि होगी

13 अक्टूबर बुधवार बुधवारीअष्टमी सरस्वती निशा पूजा

अष्टमी तिथि रात्रि 11:17 तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र
यह देवी आप पराजय देवी हैं या लक्ष्मी के देवी है जीवन में संतुलन बनाए करने के लिए अपना मंथन करने के लिए जिनको जल देवी का दोष है उनके लिए
उनकी आराधना करना चाहिए जल सेना मत्स्य पालन सलाहकार कच्चे माल कपड़े उद्यान सेवा सौंदर्य प्रसाधन आदि को अपना कारोबार वृद्धि के लिए इनकी उपासना करना चाहिए
प्राचीन मंदिर देवी का दर्शन करें कनकधारा स्त्रोत देवी को पंखा जरूर करना चाहिए त्रिपुरा सुंदरी का पूजन लक्ष्मी सहस्त्रनाम रंगीन वस्त्र व आभूषण देवी को जरूर चढ़ाना चा
हल्के गुलाबी रंग को धारण करने से शुभ शक्ति में वृद्धि होगी..

14 अक्टूबर गुरुवार दुर्गा नवमी 9:27 रात्रि

यह आप की कुलदेवी होती हैं इनके साथ गणेश पूजन जरूर क यह अंतिम विजय देने वाली विश्व देवी के रूप में की सेवा भती है न्याय भलाई के कार्य नए जीवन की रूपरेखा बमे इनका सहयोग होता है राजकीय कार्य कटी प्रदेश प्राकृतिक उपासना ब्रह्म से साक्षात्कार करने का दिन है यह शुभ और कल्याणकारी देवी हैं कफ को नियंत्रण करती हैं
सफेद पीला नारंगी रंग शुभ परिणाम देत है…
नवरात्रि विशेष *

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