Taj Mahal Kaha hai-ताजमहल कहां स्थिति है?

Taj Mahal Kaha hai

आज हम आपको ताजमहल कहां है (Taj Mahal Kaha hai) और इससे संबंधित अन्य जानकारी देंगे।

ताजमहल एक सुंदर और दुनिया के सात अजूबों में से एक ऐसी इमारत है जिसे देखने के लिए भारत से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक आते हैं। 

आइए ताजमहल के बारे में विस्तार में जानकारी प्राप्त करें।

Taj Mahal Kaha hai?-ताजमहल कहां है?

ताजमहल आगरा, उत्तर प्रदेश में स्थित है। यह सुंदर कारीगरी और बेशकीमती पत्थरों से बनी एक अद्भुत इमारत है। यह एक विश्व धरोहर आधारित मकबरा है।

ताजमहल किसने बनवाया था?Taj Mahal Kisne Banwaya tha?

ताजमहल का निर्माण ऐतिहासिक राजा शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज की याद और उनके प्रति अपने स्नेह तथा प्रेम की निशानी के तौर पर बनवाया था।

ताजमहल की कलाकृति में मुगल वास्तुकला की छटा संपूर्ण रूप से देखने को मिलती है। ताजमहल की वास्तु शैली में भारतीय, तुर्क, फारसी तथा इस्लामी शैली शामिल है। साल 1983 में ताजमहल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल हुआ। इसे मानव की सर्वोत्तम कलाकृति बताया गया। ताजमहल का निर्माण संगमरमर के पत्थर से किया गया है।

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ताजमहल का निर्माण

ताजमहल का निर्माण आगरा के दक्षिण क्षेत्र में एक छोटे भूमि पठार पर किया गया। यह छोटा भूमि पठार पहले जयपुर के राजा जय सिंह का महल स्थल था परंतु शाहजहां ने महाराजा जय सिंह के लिए आगरा के मध्य इस महल की तुलना से अधिक बड़ा महल दे दिया।

इसके बाद यहां की भूमि को खोदकर इसमें कंकड़ पत्थर भरे गए ताकि सीलन की समस्या ना हो और इसे 50 मीटर तक ऊंचा उठाया गया। ताजमहल के आसपास के जमीन पर कुएं खोदकर तथा उसमें कंकड़ पत्थर भरकर आसपास की इमारतों के लिए नींव तैयार की गई।

इसके बाद संगमरमर के पत्थरों और अन्य सामग्रियों को मिट्टी की ढाल तथा बैलों की सहायता से स्थान तक पहुंचाया गया। पेड़ एवं बली से बनी हुई एक प्रणाली का निर्माण किया गया जिसकी सहायता से पत्थरों एवं ईटों को इच्छित स्थान पर लगाया गया। पानी के प्रयोग के लिए नदी से पानी तक को स्थान पर लाने के लिए रहट प्रणाली का उपयोग किया गया। पानी को वहां पर बने बड़े-बड़े टैंकों में पहुंचाया जाता था और उसके बाद निर्माण कार्य में हर स्थान पर लगे छोटे-छोटे पाइपों की सहायता से पानी को पहुंचाया जाता था।

ताजमहल की आधारशिला और अग्रभाग में बने मकबरे को निर्मित होने में 12 साल का समय लग गया। इसके बाद आगे के 10 सालों में मीनारें, इमारतें और मस्जिद एवं मुख्य द्वार का निर्माण किया गया। साल 1643 में मुख्य मकबरा और आधारशिला बनकर तैयार हो गई थी।

ताजमहल में लगे खर्च के अपने अनुमान है परंतु लगभग 3 अरब और 20 करोड़ का खर्च उस समय के हिसाब से ताजमहल के निर्माण में लगाया गया था।

ऐतिहासिक पर्यटन स्थल

आलीशान एवं सुंदर मकबरा ताजमहल को हर साल 20 से 30 लाख पर्यटक देखने आते हैं जिसमें 2 लाख से अधिक पर्यटक विदेशों से आते हैं। विदेशों में भारतीय पर्यटन स्थल का मजा उठाने एवं भारतीय संस्कृति को जानने के लिए अलग ही उमंग देखी जाती है। ज्यादातर पर्यटक यहां पर अक्टूबर-नवंबर एवं फरवरी के महीने में आते हैं। ताजमहल के आसपास प्रदूषण आधारित वाहन का आना वर्जित है।

जो भी पर्यटक ताजमहल को देखने आते हैं तो वह इस इमारत तक पैदल या टूरिस्ट विभाग द्वारा जारी की गई बस से पहुंच सकते हैं। ताजमहल के दक्षिण भाग में एक छोटी सी बस्ती स्थित है जिसे वर्तमान में ताजगंज के नाम से जाना जाता है तथा पूर्व में से मुमताज गंज के नाम से जाना जाता था।

इस आर्टिकल में हमने आपको ताजमहल कहां है (Taj Mahal Kaha hai) और इसे किसने बनवाया आदि से संबंधित जानकारी प्रदान की है।

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